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Marriage New Rule: अगर इस रूल के हिसाब से शादी करोगे तो सरकार देगी 10 लाख रुपए, पूरी खबर यहां देखें

 Marriage New Rule: राजस्थान की सरकार ने हाल ही में साथियों को लेकर बहुत ही बड़ा ऐलान किया है।आप सभी को बता दें कि गहलोत सरकार ने एक ऐसा आदेश जारी किया है जिसके माध्यम से एक शर्त भी रखी गई है। गहलोत सरकार द्वारा दी गई शर्त के मुताबिक अगर कोई शादी करता है तो उसे 10 लाख रुपए दिए जाएंगे। अब आपके मन में सवाल हैं कि हम 10 लाख रुपए कैसे प्राप्त करें, इसके लिए क्या नियम है यह जानकारी सरकार की तरफ से ऑफिशल नोटिफिकेशन जारी करके प्रदान की गई है सरकार का कहना है कि अगर एक शर्त के साथ कोई भी उम्मीदवार उस नियम के साथ शादी करता है उसे डॉक्टर सविता वेल अंबेडकर अंतरजातीय संशोधित विवाह योजना के तहत 10 लाख रुपए प्रदान किए जाएंगे।

  राजस्थान की सरकार ने बजट पेश करते समय अलग-अलग जातियों के बीच भाई चारा रखने के लिए ऐतिहासिक फैसला लिया है। आप सभी को बता दें कि प्रदेश में अब अंतर जाति विवाह करने पर सरकार द्वारा ₹1000000 का सहयोग दिया जाएगा। हालांकि इससे पहले करीबन 5 लाख रुपए  दिए जाते थे लेकिन अब सरकार द्वारा इस योजना का एलान फिर से करते हुए 5 लाख रुपए को बढ़ाकर ₹1000000 कर दिए हैं। राजस्थान सरकार के इस फैसले की वजह से अलग-अलग जातियों के बीच भाईचारा बढ़ने की पूरी उम्मीद है। इसी के साथ अलग-अलग जाति में होने वाले विवाह के बाद बढ़ने वाले तना को भी कम करने में मदद जरूर मिलेगी।

Marriage New Rule
Marriage New Rule

इस प्रकार योजना का मिलेगा लाभ

इस योजना का आह्वान राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा बजट भाषण के तहत किया गया है। बजट घोषणा के तहत यह भाषण दिया गया कि अब इस योजना को लागू करते हुए आदेश भी जारी किए जाते हैं। इस योजना के संबंध में राजस्थान सरकार द्वारा आदेश पत्र भी जारी कर किया गया है। इस योजना का आदेश राजस्थान की सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा जारी किया गया है तथा इस योजना का नाम डॉक्टर सविता बैनंब एड कर अंतर्जातीय संशोधित विवाह योजना रखा गया है। योजना के तहत अगर कोई उम्मीदवार शादी करता है तो तुरंत उसके जॉइंट अकाउंट में ₹1000000 ट्रांसफर कर दिए जाएंगे यह पैसे शादी करते ही। तुरंत अकाउंट में मिल जाएंगे वह 5 लाख रुपए  की 8 साल के लिए एफडी की जाएगी।  

आप सभी को बता दें कि इस योजना की शुरुआत सबसे पहले राजस्थान में वर्ष 2006 में की गई थी। लेकिन फिलहाल तत्कालीन सरकार ने इस योजना को फिर से शुरू किया है पहले इस योजना में  ₹50000 दिए जाते थे फिर उसके बाद 2013 में इस योजना में ₹500000 दिए जाने लगे अब गहलोत सरकार ने इस योजना को बढ़ाकर 1000000 रुपए देने की घोषणा कर दी है। 

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